डेटिंग ऐप्स पर सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू: अब बिना सरकारी वेरिफिकेशन नहीं बना पाएंगे प्रोफाइल
डेटिंग ऐप्स पर आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य, सरकार के नए सुरक्षा नियम लागू। जानें कैसे बनेगा प्रोफाइल और क्या होंगे फायदे। Think India News।
नई दिल्ली, 20 जुलाई 2026 (Think India News): ऑनलाइन डेटिंग के बढ़ते चलन और इससे जुड़े अपराधों, विशेष रूप से धोखाधड़ी और यौन उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब टिंडर, बम्बल और हिंग जैसे सभी डेटिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए यूजर का आधार-लिंक्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है, हालाँकि प्रोफाइल पर आधार नंबर सार्वजनिक नहीं होगा।
नए नियमों की मुख्य बातें:
- हर नए यूजर को केवल ओटीपी-आधारित आधार प्रमाणीकरण के बाद ही प्रोफाइल बनाने की अनुमति होगी।
- प्लेटफॉर्म्स को आपत्तिजनक व्यवहार की रिपोर्ट करने के लिए एक सेंट्रलाइज्ड ग्रीवांस पोर्टल से जुड़ना होगा।
- यूजर के क्रिमिनल रिकॉर्ड की बैकग्राउंड चेकिंग भी प्लेटफॉर्म को करनी होगी।
यूजर्स और कंपनियों की प्रतिक्रिया:
युवाओं ने इस कदम का मिलाजुला स्वागत किया है। 24 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रेया पाठक ने कहा, "यह अच्छी पहल है, इससे फर्जी आईडी और कैटफिशिंग पर लगाम लगेगी। लेकिन डेटा लीक की चिंता बनी रहेगी।" वहीं, डेटिंग ऐप कंपनियों ने गोपनीयता के हनन का हवाला देते हुए इस फैसले पर आपत्ति जताई है, और संभावित कानूनी चुनौती की तैयारी कर रही हैं।
असर:
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस कदम से शुरुआत में यूजर बेस में गिरावट आ सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह प्लेटफॉर्म्स को अधिक विश्वसनीय बनाएगा और महिलाओं तथा LGBTQ+ समुदाय के लिए सुरक्षित स्थान सुनिश्चित करेगा।

