पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते और बाहरी परीक्षा एजेंसियों की संलिप्तता
जांच का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे आयोग के शीर्ष स्तर पर बैठे लोगों की भूमिका भी संदिग्ध होती जा रही है। जांच रिपोर्टों के अनुसार, पूर्...
ByThinkIndia.press Bureau
Published On 12 अग॰ 2026
Representative Image [ThinkIndia.press Bureau]
जांच का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे आयोग के शीर्ष स्तर पर बैठे लोगों की भूमिका भी संदिग्ध होती जा रही है। जांच रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते और परीक्षा का आयोजन कराने वाली बाहरी आउटसोर्सिंग एजेंसियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है [The Tribune]। आरोप है कि प्रश्नपत्रों की छपाई से लेकर उनके वितरण तक की कमान जिन निजी एजेंसियों को सौंपी गई थी, उन्होंने ही मोटी रकम के बदले सिंडिकेट को गोपनीय डेटा लीक किया था। इस मामले में कई अन्य लोक सेवकों से भी पूछताछ की तैयारी चल रही है।
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