सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका: पूरे देश में पेपर लीक रोकने के लिए गाइडलाइंस की माँग
झारखंड का मामला अब सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली स्थित एनजीओ ‘यूथ फॉर ट्रांसपेरेंसी’ और झारखंड के ही कुछ छात्र नेताओं ने मिलकर सुप्रीम कोर्ट म...
झारखंड का मामला अब सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली स्थित एनजीओ ‘यूथ फॉर ट्रांसपेरेंसी’ और झारखंड के ही कुछ छात्र नेताओं ने मिलकर सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दाखिल की है। इस याचिका में देश भर में हो रहे पेपर लीक के मामलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार को एक समान गाइडलाइंस बनाने का निर्देश देने की माँग की गई है। याचिका में झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के हालिया पेपर लीक मामलों का भी हवाला दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तारीख तय की है और केंद्र सरकार के साथ-साथ झारखंड सरकार को भी नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट को बताया, “यह सिर्फ एक राज्य की समस्या नहीं है। यह पूरे देश की शिक्षा और रोजगार व्यवस्था पर हमला है। लाखों युवाओं का भरोसा खत्म हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप करके एक कड़ा संदेश देना होगा।” कानूनी जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इस मामले का दायरा और व्यापक होगा और राज्य सरकारों पर पेपर लीक रोकने का दबाव बहुत बढ़ जाएगा।

