“डर का असली चेहरा” — HIV के 10 Myths
HIV को लेकर आज भी समाज में डर और भ्रम है। कई लोग HIV पॉजिटिव लोगों से दूरी बनाते हैं, जो गलत है। सही जानकारी और इलाज से HIV पॉजिटिव व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।
26 वर्षीय अमन जब एचआईवी पॉजिटिव पाया गया तो उसने डिप्रेशन में खाना-पीना छोड़ दिया। लेकिन जब वह सरकारी एआरटी (ART) सेंटर गया, तो डॉक्टरों ने बताया कि आधुनिक एंटीरेट्रोवायरल दवाओं से आज एचआईवी एक सामान्य क्रोनिक बीमारी बन चुका है।
HIV से जुड़े 10 बड़े भ्रम और सच्चाई:
- हाथ मिलाने, साथ खाने, गले लगाने या टॉयलेट साझा करने से एचआईवी कभी नहीं फैलता।
- मच्छर के काटने से एचआईवी नहीं फैलता।
- एचआईवी का मतलब मृत्यु नहीं है; नियमित दवा लेने पर मरीज 70-80 वर्ष तक सामान्य जीवन जीता है।
- सरकारी आईसीटीसी (ICTC) केंद्रों में जांच और दवाइयां पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध हैं।
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संक्रामक रोग जागरूकता ब्यूरो is a senior correspondent at Greenline News covering health, Garhwa regional updates, and breaking news across Jharkhand.
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Excellent reporting on this issue. It's crucial that we stay informed about these developments.
Great coverage by Greenline News. Looking forward to further updates on Garhwa and Jharkhand developments.