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'सेक्सुअल वेलनेस' ऐप्स का बढ़ता क्रेज: भारतीय युवाओं ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खोले दिल के राज

भारतीय युवाओं में सेक्सुअल वेलनेस ऐप्स का बढ़ता क्रेज, 450% बढ़े डाउनलोड। जानें किन सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं युवा। Think India News की रिपोर्ट।

ByThinkIndia Global Bureau
Published On Aug 12, 2026
'सेक्सुअल वेलनेस' ऐप्स का बढ़ता क्रेज: भारतीय युवाओं ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खोले दिल के राज
Representative Image [ThinkIndia Global]

बेंगलुरु, 28 जुलाई 2026 (Think India News): एक डिजिटल स्वास्थ्य स्टार्टअप द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, भारत में यौन स्वास्थ्य और परामर्श से जुड़े मोबाइल ऐप्स के डाउनलोड में पिछले 18 महीनों में 450% की जबरदस्त वृद्धि हुई है। 'सेफप्ले', 'इंटिमेसी इंडिया' और 'आस्कप्रिया' जैसे ऐप्स अब लाखों यूजर्स को यौन समस्याओं, रिलेशनशिप कोचिंग और मेंटल हेल्थ काउंसलिंग की सुविधा दे रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 72% यूजर्स 18-30 आयु वर्ग के हैं, और इनमें महिलाओं की भागीदारी 55% है।

क्यों आया यह बदलाव?
कोविड-19 महामारी के बाद मानसिक और यौन स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने का चलन बढ़ा है। स्टार्टअप फाउंडर अनन्या शर्मा ने Think India News को बताया, "भारतीय समाज में सेक्स को लेकर जो चुप्पी थी, अब युवा उसे तोड़ रहे हैं। हमारे प्लेटफॉर्म पर 60% सवाल ऑर्गेज्म, कामेच्छा की कमी और कंसेंट को लेकर आते हैं। ये वो विषय हैं जिन पर घर-परिवार में चर्चा नहीं होती।"

विशेषज्ञों की राय:
साइबर मनोवैज्ञानिक डॉ. रोहित वर्मा का कहना है कि यह प्रवृत्ति सकारात्मक है बशर्ते ऐप्स अपनी सलाह को प्रमाणिक और गोपनीय रखें। उन्होंने चेतावनी दी, "बिना सत्यापन वाले प्लेटफॉर्म से गलत जानकारी का खतरा रहता है, जो नुकसानदेह हो सकती है। यूजर्स को लाइसेंस प्राप्त विशेषज्ञों पर ही भरोसा करना चाहिए।"

डेटा सुरक्षा की चिंता:
इतने संवेदनशील डेटा के साथ, गोपनीयता का सवाल भी बड़ा है। हाल ही में एक ऐप के डेटा लीक होने की घटना ने सभी का ध्यान साइबर सुरक्षा की ओर खींचा है। विशेषज्ञों ने सरकार से इन ऐप्स के लिए एक मानक गाइडलाइन बनाने की मांग की划.

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