झारखंड हाईकोर्ट में तीन जनहित याचिकाएँ (PIL) दाखिल
12 अगस्त की सुबह ही वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील कुमार सिन्हा और सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत टोप्पो की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में तीन अलग-अलग जनहित याचिकाएँ दाखि...
12 अगस्त की सुबह ही वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील कुमार सिन्हा और सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत टोप्पो की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में तीन अलग-अलग जनहित याचिकाएँ दाखिल की गईं। पहली याचिका में 11 अगस्त के लाठीचार्ज को ‘अमानवीय और संवैधानिक अधिकारों का हनन’ बताते हुए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की माँग की गई है। याचिका में उन सभी वीडियो और फोटो को साक्ष्य के रूप में संलग्न किया गया है जिनमें पुलिसकर्मी छात्राओं को बाल पकड़कर घसीटते और निहत्थे छात्रों पर डंडे बरसाते दिख रहे हैं।
दूसरी याचिका में जेएसएससी और जेपीएससी की उन सभी परीक्षाओं को रद्द करने की माँग की गई है जिनमें पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिले हैं। साथ ही, माँग की गई है कि जब तक मामले की स्वतंत्र जाँच पूरी नहीं हो जाती, तब तक राज्य में कोई भी प्रतियोगी परीक्षा आयोजित न की जाए। तीसरी याचिका सीधे तौर पर सीबीआई जाँच की माँग को लेकर है, जिसमें तर्क दिया गया है कि राज्य की सीआईडी जाँच राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त नहीं हो सकती।

