प्रति उम्मीदवार 12-12 लाख रुपये की भारी-भरकम वसूली का खुलासा
सीआईडी और वित्तीय जांच शाखा की शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि यह पेपर लीक कोई छोटी-मोटी घटना नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का एक संगठित व्यापार थ...
ByThinkIndia Global Bureau
Published On Aug 12, 2026

Representative Image [ThinkIndia Global]
सीआईडी और वित्तीय जांच शाखा की शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि यह पेपर लीक कोई छोटी-मोटी घटना नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का एक संगठित व्यापार था [The Tribune]। सिंडिकेट ने सरकारी नौकरी पक्की कराने के नाम पर प्रत्येक उम्मीदवार से 12 से 15 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूली थी [The Tribune]। पैसों का लेनदेन नकद और हवाला नेटवर्क के जरिए किया गया था। जांच अधिकारियों को कई ऐसे बैंक खातों और डायरियों का पता चला है, जिनमें पैसे देने वाले उम्मीदवारों के नाम और उनके रोल नंबर दर्ज हैं।
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