अमेरिका में गर्भपात की दवा मिफेप्रिस्टोन पर बड़ी कानूनी लड़ाई: अपील्स कोर्ट में सुनवाई
लुइसियाना राज्य ने मिफेप्रिस्टोन की टेलीमेडिसिन और मेल डिलीवरी को दी चुनौती; अमेरिका में 60% से अधिक गर्भपात इसी दवा के जरिए होते हैं।
वॉशिंगटन: संयुक्त राज्य अमेरिका में गर्भपात की सर्वाधिक प्रयुक्त दवा मिफेप्रिस्टोन (Mifepristone) की उपलब्धता को लेकर संघीय अदालत में कानूनी संघर्ष एक बार फिर चरम पर है। लुइसियाना राज्य ने FDA के 2023 के उस नियम को चुनौती दी है, जिसने इस दवा को टेलीमेडिसिन परामर्श के बाद डाक (मेल) द्वारा वितरित करने की स्वीकृति दी थी।
कोर्ट में तर्क और न्यायपालिका का रुख
लुइसियाना के सॉलिसिटर जनरल बेन अगुइनागा ने अदालत में दावा किया कि इस नियम के कारण राज्य में हर माह लगभग 1,000 गर्भपात हो रहे हैं, जो राज्य के प्रतिबंधात्मक कानूनों का उल्लंघन है। हालांकि, 5वीं सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स के न्यायाधीशों ने इस तर्क पर कड़े सवाल उठाए। जज स्टीफन हिगिंसन ने टिप्पणी की कि राज्य सरकार यह सिद्ध करने में असफल रही है कि मामलों में बढ़ोतरी केवल मेल वितरण नियम के कारण हुई है।
इस बीच, अमेरिकी कांग्रेस में "प्रोटेक्टिंग रिप्रोडक्टिव फ्रीडम एक्ट" दोबारा पेश किया गया है, जिसके तहत FDA के वैज्ञानिक निर्णयों को राज्यस्तरीय कानूनों पर वरीयता दी जाएगी। ज्ञात हो कि अमेरिका में कुल गर्भपातों का 60% से अधिक हिस्सा मेडिकेशन अबॉर्शन (गोलियों) के माध्यम से होता है।
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हेल्थ डेस्क is a senior correspondent at Greenline News covering स्वास्थ्य and related global events.
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