जब एक पार्टनर ज्यादा इंटीमेसी चाहे और दूसरा कम: मिसमैच्ड लिबिडो को कैसे संभालें?
चंडीगढ़ के करण और सिमरन का अनुभव: कामेच्छा में अंतर का मतलब प्यार की कमी नहीं; नॉन-सेक्सुअल इंटीमेसी और आपसी सहमति से सुलझी गांठ।
चंडीगढ़: शादी के पांच साल बाद करण हफ्ते में चार बार संबंध चाहता था, जबकि सिमरन महीने में दो-तीन बार से संतुष्ट थी। सिमरन खुद को दोषी मानती थी और करण को लगता था कि सिमरन उससे प्यार नहीं करती।
सेक्सोलॉजिस्ट्स के मुताबिक, कामेच्छा में अंतर होना बेहद सामान्य जैविक और मानसिक स्थिति है। इसका संबंध हार्मोन, दिनभर की थकान और तनाव से होता है। दोनों ने सेक्स थेरेपिस्ट की मदद से समझा कि नॉन-सेक्सुअल इंटीमेसी — जैसे साथ सोना, हाथ पकड़ना और गले लगाना — भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। आपसी समझ और सम्मान से दोनों ने एक संतुलित सामंजस्य स्थापित किया।
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वेलनेस डेस्क is a senior correspondent at Greenline News covering स्वास्थ्य and related global events.
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Excellent reporting on this issue. It's crucial that we stay informed about these developments.
I wonder how this will affect the local communities in the long run. Would love to see a follow-up article.