प्यार था, अट्रैक्शन भी था… फिर इंटीमेसी कम क्यों होने लगी? वर्क स्ट्रेस और कोर्टिसोल का असर
हैदराबाद के आईटी कपल अर्जुन और नेहा की कहानी: अत्यधिक तनाव से कोर्टिसोल बढ़ने पर कामेच्छा घटी; 'नो-फोन ज़ोन' और शाम की चाय ने लौटाया सुकून।
हैदराबाद: आईटी हब में काम करने वाले 34 वर्षीय अर्जुन और नेहा की शादी 6 साल पुरानी थी। दोनों के बीच गहरा प्रेम था, लेकिन नौकरी की अनिश्चितता और डेडलाइन्स की थकान ने उनकी अंतरंगता को महीने में एक बार तक सीमित कर दिया था।
चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, क्रॉनिक स्ट्रेस (लगातार तनाव) शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाता है, जो टेस्टोस्टेरोन और सेक्सुअल डिजायर को सीधे तौर पर दबा देता है। जब नेहा ने अर्जुन के साथ बिना किसी शिकायत के शाम की चाय पीने और दिल की थकान साझा करने की पहल की, तो गलतफहमियां दूर हुईं।
दोनों ने रात 9 से 10 बजे का समय 'नो-फोन ज़ोन' घोषित किया। नेहा कहती हैं, "जब दिमाग तनावमुक्त होता है, तो शरीर खुद-ब-खुद आत्मीयता से भर जाता है।"
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हेल्थ एंड माइंड is a senior correspondent at Greenline News covering स्वास्थ्य and related global events.
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Excellent reporting on this issue. It's crucial that we stay informed about these developments.
I wonder how this will affect the local communities in the long run. Would love to see a follow-up article.