मेराल: मिसिंग लिंक रेल आंदोलन का महा-मंथन, NH-75 बाईपास और रेहला ग्रासिम प्रदूषण के खिलाफ किसानों का मोर्चा
35 किमी मेराल-भवनाथपुर-चोपन रेल लाइन से जुड़ेंगे 357 गांव, NH-75 बाईपास भूमि अधिग्रहण में किसानों से छल और रेहला ग्रासिम इंडस्ट्रीज के केमिकल रिसाव से कोयल नदी पर गहराता संकट।
मेराल (गढ़वा): मेराल प्रखंड का रेलवे स्टेशन इन दिनों एक ऐतिहासिक जनआंदोलन की धड़कन बना हुआ है। मेराल जंक्शन से भवनाथपुर टाउनशिप तक लगभग 35 किलोमीटर का रेल ट्रैक दशकों पूर्व बिछाया गया था, जिस पर सेल की मालगाड़ियां दौड़ती थीं। आज यह ट्रैक पूरी तरह उपेक्षित और वीरान पड़ा है। 'मेराल-भवनाथपुर-चोपन रेल संघर्ष समिति' के तत्वावधान में मेराल में आयोजित महापंचायत ने इस सोए हुए मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर हवा दे दी है।
मेराल-भवनाथपुर-चोपन मिसिंग लिंक
│
[मेराल जंक्शन] ────(35 किमी विद्यमान ट्रैक)────► [भवनाथपुर]
│
(प्रस्तावित विस्तार:
30-40 किमी नया ट्रैक)
▼
[चोपन / सलईबनवा जंक्शन]
(हावड़ा-दिल्ली मुख्य रूट)
1. 357 गांवों की 6.68 लाख आबादी का अधिकार
महापंचायत में वक्ताओं ने आंकड़े प्रस्तुत किए कि इस रेल लाइन के चालू होने से गढ़वा जिले के 8 प्रखंडों के 357 गांवों की 6.68 लाख आबादी सीधे देश के मुख्य रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगी। पूर्व-मध्य रेलवे के पास जमीन, ट्रैक और पुल-पुलिया पहले से उपलब्ध हैं, केवल मेंटेनेंस कराकर मेमू ट्रेन शुरू करने में देरी से जनआक्रोश बढ़ रहा है। संघर्ष समिति ने रेल रोको आंदोलन की चेतावनी दी है।
2. NH-75 बाईपास भूमि अधिग्रहण में किसानों से 'धोखा'
मेराल के दुलदुलवा, पेशका और ओखरगाड़ा गांवों में राष्ट्रीय राजमार्ग 75 के फोरलेन बाईपास निर्माण में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। सड़क किनारे स्थित व्यावसायिक दुकानों और मकानों वाली बहुमूल्य जमीनों को भ्रष्ट अमीनों ने 'निम्न कृषि भूमि' (टांड़) दर्ज कर दिया, जबकि रसूखदारों की बंजर जमीनों को व्यावसायिक दिखाकर करोड़ों बांटे गए। किसानों ने बुलडोजर रोककर 4 गुना मुआवजे की मांग की है।
3. रेहला ग्रासिम इंडस्ट्रीज और कोयल नदी में जहरीला रिसाव
रेहला स्थित कास्टिक सोडा और केमिकल इकाई से निकलने वाले क्लोरीन युक्त रासायनिक अपशिष्ट को रात के समय कोयल नदी और स्थानीय नालों में बहाने का आरोप है। आसपास के गांवों का भूजल दूषित हो चुका है, फसलें पीली पड़ रही हैं और लोगों में सांस व चर्म रोग फैल रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. मेराल-भवनाथपुर रेल लाइन की कुल लंबाई कितनी है?
मेराल से भवनाथपुर तक लगभग 35 किमी का ट्रैक पहले से बिछा हुआ है, जिसे चोपन से जोड़ने की मांग है।
Q2. NH-75 बाईपास पर किसानों का मुख्य विरोध क्या है?
व्यावसायिक जमीनों को कृषि भूमि दिखाकर कम मुआवजा देने और 2013 भूमि अधिग्रहण कानून के उल्लंघन का आरोप है।
SEO Keywords: Meral Bhawnathpur Chopan railway line, NH75 bypass Meral farmers protest, Rehla Grasim pollution Koel river, Garhwa land acquisition dispute.
About विशेष खोजी ब्यूरो, ग्रीन लाइन न्यूज़
विशेष खोजी ब्यूरो, ग्रीन लाइन न्यूज़ is a senior correspondent at Greenline News covering गढ़वा समाचार, Garhwa regional updates, and breaking news across Jharkhand.
View all articles by विशेष खोजी ब्यूरो, ग्रीन लाइन न्यूज़Comments (2)
Excellent reporting on this issue. It's crucial that we stay informed about these developments.
Great coverage by Greenline News. Looking forward to further updates on Garhwa and Jharkhand developments.