सेक्स एक प्राकृतिक एंटीडिप्रेसेंट है: सप्ताह में 1-2 बार संबंध बनाने से डिप्रेशन का खतरा होता है कम
Journal of Affective Disorders की रिसर्च: नियमित इंटिमेसी ऑक्सीटोसिन और प्रोलैक्टिन बढ़ाती है, तनाव हार्मोन कोर्टिसोल घटाती है और मानसिक संतुलन सुधारती है।
लंदन: प्रतिष्ठित Journal of Affective Disorders में प्रकाशित 2025-26 के नए अध्ययन में यह चौंकाने वाला निष्कर्ष सामने आया है कि सप्ताह में 1 से 2 बार यौन संबंध बनाना युवाओं और मध्यम आयु वर्ग के वयस्कों में डिप्रेशन (अवसाद) की संभावना को उल्लेखनीय रूप से कम करता है।
न्यूरो-बायोलॉजिकल चक्र और अवसाद से मुक्ति
शोधकर्ताओं ने इसके पीछे के रासायनिक तंत्र को स्पष्ट किया है:
- ऑक्सीटोसिन और प्रोलैक्टिन: ऑर्गैज़्म के दौरान शरीर में 'लव हार्मोन' ऑक्सीटोसिन प्रचुर मात्रा में रिलीज होता है, जो गहरी शांति प्रदान करता है।
- कोर्टिसोल में कमी: तनाव पैदा करने वाले हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर तुरंत नीचे गिरता है।
- बेहतर नींद: प्राकृतिक विश्राम से गहरी नींद (REM Sleep) आती है, जिससे अगले दिन मूड नियमन सुचारू रहता है।
प्रस्तावित वैज्ञानिक मॉडल है: स्वस्थ यौन गतिविधि → गुणवत्तापूर्ण नींद → भावनात्मक संतुलन → डिप्रेशन के जोखिम में गिरावट।
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मेंटल हेल्थ डेस्क is a senior correspondent at Greenline News covering स्वास्थ्य and related global events.
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Excellent reporting on this issue. It's crucial that we stay informed about these developments.
I wonder how this will affect the local communities in the long run. Would love to see a follow-up article.