भारत में प्यार है, लेकिन 'फीलिंग लव्ड' नहीं: Ipsos सर्वे में 29 देशों के बीच चौंकाने वाला खुलासा
Ipsos 2026 सैटिस्फैक्शन इंडेक्स: 67% भारतीय अपने रिश्ते को प्यार भरा मानते हैं, लेकिन भावनात्मक सत्यापन और पार्टनर संतुष्टि में देश दुनिया में सबसे निचले पायदान पर।
नई दिल्ली: Ipsos Love Life Satisfaction Index 2026 के नवीनतम आंकड़ों ने भारतीय वैवाहिक और प्रेम संबंधों की एक गहरी विडंबना को उजागर किया है। सर्वेक्षण के अनुसार, भारत 29 वैश्विक बाजारों में पार्टनर संतुष्टि के मामले में सबसे निचले स्थान पर है और ओवरऑल लव लाइफ सैटिस्फैक्शन में सबसे नीचे के तीन देशों में शामिल है।
हैरानी की बात यह है कि 67% भारतीय अपने रिश्ते को 'प्यार भरा' बताते हैं, लेकिन जब यह सवाल पूछा गया कि 'क्या आपको वास्तव में प्यार महसूस होता है?', तो भारत का स्कोर थाईलैंड (86), इंडोनेशिया (85) और मैक्सिको (81) की तुलना में अत्यंत कम रहा।
भावनात्मक अभिव्यक्ति की कमी
शोधकर्ताओं का विश्लेषण है कि संयुक्त परिवार की जिम्मेदारियां, काम का अत्यधिक दबाव, दोहरी आय वाले परिवारों में व्यस्तता और बदलती सामाजिक अपेक्षाओं के कारण भारतीय दंपतियों के बीच स्पष्ट स्नेह और भावनात्मक सत्यापन (Emotional Validation) के लिए बहुत कम जगह बचती है।
रोचक पहलू यह भी है कि भारत रोमांस और शारीरिक संतुष्टि में वैश्विक स्तर पर 8वें स्थान पर है, जिससे स्पष्ट होता है कि शारीरिक अंतरंगता और भावनात्मक संतुष्टि हमेशा साथ-साथ नहीं चलतीं।
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Excellent reporting on this issue. It's crucial that we stay informed about these developments.
I wonder how this will affect the local communities in the long run. Would love to see a follow-up article.